

Chandhigarh कई स्कूलों में अध्यापकों द्वारा विद्यार्थियों को मानसिक या शारीरिक दण्ड दिए जाने के मामले सामने आने का जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। यही वजह है कि गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने के दूसरे दिन जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के समूह सरकारी, निजी व एडेड स्कूलों के प्रमुखों को पत्र जारी करके निर्देश दिए हैं कि स्कूल में किसी भी छात्र के साथ दुर्व्यवहार या उसको शारीरिक दण्ड न दिया जाए। प्रिंसीपलों को हिदायत दी गई है कि अध्यापकों को भी इस बारे निर्देश जारी कर दिए जाएं। अधिकारी ने कहा है कि यदि कोई विद्यार्थी गलती करता है तो शिक्षक को उसकी मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसके साथ प्रेमपूर्ण व्यवहार करना चाहिए। शिक्षकों का दायित्व है कि वे छात्र को उसकी गलती से सीखने में मदद करें और भविष्य में अपने स्वभाव में सुधार लाने के लिए प्रेरित करें। वर्णनीय है कि गत वर्ष सितम्बर महीने में एक प्राइवेट स्कूल के टीचर ने छात्र की बड़े ही बेहरम तरीके से मारपीट की थी जिसकी वीडियो स्कूल के ही किसी छात्र के पेरैंट्स ने बना ली थी बाद में जिसको सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया था। उक्त मामले के बाद शिक्षा विभाग ने आनन फानन में कई कदम उठाने के दावे तो किए लेकिन आज भी वो दावे कागजों में ही रह गए।
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